सहारा का भुगतान कब और कैसे
साथियों, सहारा प्रणाम। हमारी संस्था जिस तरह धैर्य और साहस के साथ सेबी से लड़ाई एक दशक से अधिक से लड़ते हुए, अंतिम पड़ाव पर ले आयी है, हमसबों को इसी प्रकार धैर्य, हिम्मत से साथ देते हुए रहना है इसी में हमसबों एवं सम्मानित जमाकर्ताओं का भविष्य उज्जवल रहेगा। देश के माननीय कानून मंत्री विगत सोमवार को पांचजन्य द्वारा आयोजित साबरमती संवाद कार्यक्रम में कहा कि न्यायाधीशों का आधा समय यह तय करने में जाता है कि अगला न्यायधीश कौन होगा,उनका पहला काम न्याय देना है आगे यह भी कहा कि देश के लोग कांलेजियम सिस्टम से खुश नहीं है, और भारत के संविधान की भावना के तहत जजों की नियुक्ति करना सरकार का काम है। हम सब जब इस परिस्थितियों से रूबरू नहीं थे तब क्या हमसबों ने सोचा था कि अपने देश की न्याय व्यवस्था इस प्रकार की है कि एक देशभक्त संस्था को न्याय पाने के लिए दरबदर भटकना पड़ेगा, इस संस्था से जुड़े देश के आधे से अधिक आबादी न्याय पाने के लिए कितना तड़प रहा है, यह न्याय करने वाले लोग नहीं जानते, अगर जान रहे होते तो वह न्याय देने में सदियों का समय ...