सहारा के भूतपूर्व मैनेजर के द्वारा दर्ज एफ आई आर
सहारा के भूतपूर्व मैनेजर वह सहारा कार्यकर्ताओं के द्वारा एक निवेदन पुलिस अधीक्षक नीमच के समक्ष प्रस्तुत की गई कि उनके द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान निवेशकों से लगभग तीन करोड़ राशि जमा कराई गई जिसकी mechurty हो चुकी है मैच्योर की राशि लगभग ₹7 करोड़ है लेकिन मेच्योरिटी पूर्ण होने के उपरांत भी सहारा इंडिया के द्वारा भुगतान नहीं किया जा रहा हैं सहारा इंडिया के रीजनल मैनेजर का कहना हैं की उनका प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में चल रहा हैं इसलिए जब तक माननीय सुप्रीम कोर्ट से फैसला नहीं होता तब तक भुगतान नहीं किया जा सकता लेकिन माननीय सुप्रीम कोर्ट में सहारा रियल एस्टेट तथा सहारा हाउसिंग का केश चल रहा हैं सहारा सोसायटी का केश नही चल रहा हैं हम लोगों का पैसा सहारा सोसायटी ओं में जमा हुआ है इसलिए हम लोगों के मेजॉरिटी का भुगतान कराया जाए तथा दोषी अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर कड़ी से कड़ी कार्यवाही किया जाए
पुलिस अधीक्षक नीमच के निर्देशानुसार संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा पंजीबद्ध होने करने का निर्देश दिया गया मुकदमा पंजीबद्ध होने के बाद दोषी अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया गिरफ्तारी के उपरांत अधिकारियों के द्वारा प्रथम जमानत आवेदन माननीय हाईकोर्ट मध्यप्रदेश के इंदौर खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत की गई जहां से उनका आवेदन खारिज कर दिया गया आवेदन खारिज ई के उपरांत आरोपियों द्वारा माननीय सुप्रीम कोर्ट ने जमानत का गुहार लगाई है जिसकी आज सुनवाई माननीय सर्वोच्च न्यायालय में ट्रिपल बेंच
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