संविधान का उद्देश्य कैसे पूर्ण हो?

आजादी के 70 वर्ष बाद भी संविधान का मूल उद्देश्य पूर्ण नहीं हो पाया आखिर क्यों किस प्रकार से पूर्ण होगा संविधान का मूल उद्देश्य संविधान का मूल उद्देश्य है क्या संविधान का मूल उद्देश्य है देश के लोगों को आर्थिक सामाजिक राजनीतिक न्याय प्रदान करना।
संविधान के मूल उद्देश्य की प्राप्ति किस प्रकार हो सकती है?
 निम्नांकित आधारों पर संविधान के मूल उद्देश्य की पूर्ति की जा सकती है।
१) देश का प्राकृतिक स्रोत किसी के बाप की बपोती नहीं है अर्थात प्राकृतिक स्रोतों पर सभी का समान अधिकार होना चाहिए इसके लिए सरकार को तत्काल आर्थिक सर्वेक्षण करना चाहिए तथा प्राकृतिक स्रोतों पर किसी एक वर्ग विशेष का आधिपत्य स्थापित न हो सके इसके लिए कारगर उपाय अपनाना चाहिए।
२) देश के सभी नागरिकों के साथ सामाजिक न्याय हो सके इसके लिए देश के सभी संस्थाओं में जिन में लेबर ला लागू होता हो उन सभी संस्थाओं में आरक्षण के नियमों का पालन कराया जाना चाहिए।
३) आजादी के बाद देश में कई तरह के कानून बनाए गए लेकिन किसी कानून का क्रियान्वयन सही ढंग से नहीं हो पाया है अर्थात सभी कानून का क्रियान्वयन तत्काल कराया जाए।
४) फ्री रेवडी कैल्चर को तत्काल बंद किया जाय, फ्री रेवड़ी से ।मेहनतकश लोगो के श्रम का अपमान होता है उनके स्वालंबन को ठेस पहुंचाता है अर्थात बंद किया जाय।
५) भूमि को तत्काल आधार कार्ड से लिंक किया जाए ताकि किस व्यक्ति के पास कितनी जमीन है आसानी से पता लग सके जिससे सामाजिक न्याय को गति प्रदान किया जा सके।
६) आज हमारे देश में भ्रष्टाचार हम समस्या बन गया है अर्थात भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारी कर्मचारियों का जवाब देही तय किया जाए।
७) भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए तथा तरह-तरह के आतंकवादी गतिविधियों पर विराम लगाने के लिए 100 से ऊपर के सभी करेंसीयों को तत्काल बंद किया जाए।
८) वेतन की असमानता को तत्काल दूर किया जाए अर्थात वेतन की निर्धारण में धरती आसमान का अंतर नहीं होना चाहिए क्योंकि आवश्यकता सभी की समान है।
     इसके अलावा कई महत्वपूर्ण एजेंडा है जिनका उल्लेख अगले संस्करण में किया जाएगा।
आपका विचारक
Rajendra Shah advocate
Waidhan, singrouli mp
Mob no 6265417586

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