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autobiography Narendra Modi

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Tech Legal S4 Autobiography Narendra Modi  Narendra Modi is an Indian politician who has served as the Prime Minister of India since 2014. Before entering politics, Modi worked as a tea seller and a political activist. He was the Chief Minister of Gujarat from 2001 to 2014, and is a member of the Bharatiya Janata Party (BJP). Modi was born on September 17, 1950, in Vadnagar, Gujarat, India. He was the third of six children born to Damodardas Mulchand Modi and Hiraben Modi. His father owned a small tea-stall, and Modi helped out at the stall as a child. He received his early education in Vadnagar and later earned a degree in political science from Gujarat University. Modi began his career as a political activist and rose through the ranks of the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS), a Hindu nationalist organization. He joined the Bharatiya Janata Party (BJP) in 1987 and was appointed Chief Minister of Gujarat in 2001. During his time as Chief Minister, Modi implemented a number of econ...

नशा छोड़ने का रामबाण उपाय

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साथियों आज नसा पूरे देश के युवा वर्ग को अपने ग्रास में लेता जा रहा है नशा से पूरा परिवार पूरा समाज प्रभावित होता है नशा से परिवार का नाश हो जाता है परिवार की तरक्की परिवार की भराई तथा खुद नशा करने वाला व्यक्ति तिल तिल कर मरने को मजबूर हो जाता है एक समय ऐसा आता है कि नशा इतना प्रभावी हो जाता है कि चाह कर भी व्यक्ति नशा से मुक्ति नहीं पा सकता हालांकि कई बार नशा करने वाले व्यक्ति के द्वारा यह प्रण किया जाता है कि अब वह नशा नहीं करेगा फिर भी नशा लत इतना प्रभावी होता है कि चाह कर भी व्यक्ति नशा नहीं छोड़ सकता आज मैं इस ब्लॉग में आप लोगों को बताऊंगा कि आप बहुत ही आसानी से नशा से मुक्ति कैसे पा सकते हैं। साथियों इसके लिए आपको घरों में रोज उपयोग होने वाले चार चीजों की आवश्यकता पड़ेगी। 1) अदरक 2) आजवाइन 3) काला नमक 4) कागजी नींबू          सिर्फ इन 4 चीजों से आप बहुत ही आसानी से बहुत ही स्वादिष्ट नशा छोड़ने वाला रेसिपी बना सकते हैं जिसका कुछ दिन ही उपयोग करके आप नशे से जीवन भर के लिए मुक्ति पा सकते हैं आइए जानते हैं कि इसकी रेसिपी कैसे बनाते हैं।    ...

नोटबंदी पर सरकार का फैसला सही, सुप्रीम कोर्ट

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केंद्र सरकार ने 8 नवंबर 2016 को अचानक देश में नोटबंदी लागू की थी. इसके तहत 1000 और 500 रुपये के नोटों को चलन से बाहर कर दिया गया था. इस फैसले के बाद पूरे देश को नोट बदलवाने के लिए लाइनों में लगना पड़ा था. नोटबंदी के फैसले के खिलाफ 58 याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिस पर 2 जनवरी यानी आज सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार 02 जनवरी को बड़ा फैसला सुनाया केंद्र सरकार के 2016 में 1000 रुपये और 500 रुपये के नोटों को बंद करने के फैसले को बरकरार रखा है. सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार की नोटबंदी को चुनौती देने वाली 58 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये फैसला सुनाया. जस्टिस अब्दुल नजीर की अध्यक्षता वाली 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने कहा कि आर्थिक फैसलों को बदला नहीं जा सकता. इससे पहले जस्टिस अब्दुल नजीर की अध्यक्षता वाली 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने पांच दिन की बहस के बाद 7 दिसंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. फैसला सुनाने वाली बेंच में जस्टिस अब्दुल नजीर, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस  ए.एस. बोपन्ना, जस्टिस वी. रामासुब्रमण्यन, और जस्टिस बी.वी. नागरत्ना शामिल रहे.  ...

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट सुब्रत रॉय के खिलाफ जारी किया गिरफ्तारी वारंट

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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए सागर जिले के 3 निवेशकों के द्वारा दायर की गई याचिका में सहारा प्रमुख सुब्रत राय के उपस्थित ना होने के कारण ₹500000 के बेलेबल वारंट जारी किया है और 17 को निर्देशित किया गया है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में हर हालत में कोर्ट के सामने उपस्थित हूं अन्यथा उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा साथियों मामला सागर जिले का है जिन्होंने सहारा कोऑपरेटिव सोसाइटी में पैसा निवेश किया था जिसकी मैच्योरिटी 2018 में ही पूर्ण हो चुकी थी लेकिन सहारा परिवार की ओर से भुगतान नहीं किया जा रहा था निवेशकों ने सीआरसी में भी कंप्लेन किया था तथा कई जगह कंप्लेंट किए थे लेकिन कहीं से भी उनको सफलता नहीं मिल रही थी अंततोगत्वा हार कर माननीय हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और माननीय हाईकोर्ट ने उपरोक्त मामले को काफी गंभीरता से लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए सहारा प्रमुख सुब्रत राय को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए सम्मन जारी किया सम्मान पर उपस्थित नहीं होने पर बेलेबल वारंट जारी किया गया है अब देखना है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में सुब्रत राय प्रमुख सहारा श्री माननीय ...

सुप्रीम कोर्ट ने उठाई चुनाव आयोग पर सवाल

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साथियों आज हमारे देश में पारदर्शी चुनाव कराने के लिए सरकार को वह चुनाव आयोग को कड़ा से कड़ा निर्णय लेना होगा आज का चुनाव कतई पारदर्शी नहीं है हमें अगर देश के लोकतंत्र को बचाना है और मजबूत बनाना है तो हमें निश्चित रूप से चुनाव को और अधिक पारदर्शी बनाना होगा। क्या करने होंगे उपाय    साथियों चुनाव प्रचार के समय हमें एवं चुनाव आयोग को कड़ा निर्देशों का पालन कराना होगा जिसने किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति जैसे प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री राज्यपाल या या मंत्रिमंडल का कोई सदस्य सांसद विधायक किसी भी चुनाव प्रचार में भाग नहीं लेंगे क्योंकि सरकार किसी एक पार्टी या एक दल या किसी विशेष व्यक्ति की नहीं होती जो भी सरकार बनती है वह पूरे देश के लिए पूरे राज्य के लिए होती है तो मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के द्वारा किया गया चुनाव प्रचार निश्चित रूप से सवालों के घेरे में है क्या इससे पद पर बैठा व्यक्ति जो देश के लिए देश का नेतृत्व करता हो और प्रधान सेवक या प्रधानमंत्री जैसे पद से सुशोभित होता हो उसके द्वारा किसी विशेष पार्टी संगठन का प्रचार प्रसार करना कतई जायज नहीं है और इससे पारदर्शी चुनाव...

सहारा निवेशकों को भुगतान पाने के लिए करना होगा इंतजार

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साथियों भारत देश के करोड़ों निवेशक अपनी गाडी कमाई सहारा इंडिया परिवार के कई योजनाओं में निवेश किया है जिन का भुगतान प्राप्त नहीं हो पा रहा है भुगतान पाने के लिए निवेशक दर दर भटक रहे हैं निवेशकों को मात्र एक ही उम्मीद बची थी माननीय सुप्रीम कोर्ट लेकिन माननीय सुप्रीम कोर्ट में भी प्रकरण लिस्ट नहीं हो पा रहा है और 17.12.2022 से 31.12.2022 तक विंटर अवकाश होने जा रहा है अर्थात अब 2022 में निवेशकों का भुगतान होना संभव नही है।    सरकार कुछ भी प्रयास नहीं कर रही है जबकि लोकसभा में और राज्यसभा में कई सांसदों के द्वारा इस गंभीर समस्याओं पर कई बार सवाल उठाए गए लेकिन फिर भी सरकार अपने कानों में रुई डाल के बैठी हुई है और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं जिससे लगता है कि निकट भविष्य में भुगतान होना संभव नही है।      सहारा सेबी विवाद को सुलझाने के लिए सरकार को प्रयास करना चाहिए जिससे करोड़ों लोगो को लाभ प्राप्त होसके लेकिन सरकार की मंशा नहीं है नही तो सरकार मेडियाशन के माध्यम से प्रकरण को समाप्त कर सकती है।

क्यों अपनाएं डिजिटल करेंसी

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 मोदी सरकार द्वारा देश में डिजिटल करेंसी लागू कर दी गई है 1 नवंबर 2022 से होलसेल डिजिटल करेंसी सीबीडीटी डब्लू लागू किया गया था जिसका परिणाम काफी अच्छा रहा उसी को देखते हुए 1 दिसंबर 2022 से सीबीडीटी आर पूरे देश में लागू कर दिया गया है लेकिन अभी देश के कुछ चुनिंदा शहरों में ही इसे लागू किया गया है अगर इसका परिणाम अच्छा आया तो इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा डिजिटल करेंसी से आम लोगों को क्या फायदा होगा??       साथियों डिजिटल करेंसी से आम लोगों को कुछ भी फायदा होता नजर नहीं आ रहा है क्योंकि डिजिटल करेंसी से आपको ब्याज भी नहीं मिलेगा हां इसमें सरकार का फायदा जरूर होगा क्योंकि सरकार को रुपया छापने में तथा उसके ट्रांसपोर्टेशन में स्टार्किड्स ने आदि का खर्चा सरकार का काफी बचेगा लेकिन आम आवाम को इससे कुछ भी मिलने वाला नहीं है। क्यों अपनाएं लोग डिजिटल करेंसी??    जब डिजिटल करेंसी से आम लोगों को कुछ फायदा नहीं होगा तो आम आवाम डिजिटल करेंसी केक को क्यों अपनाएं सरकार इसका कारण नहीं बता पा रहे हैं पहले से ही बहुत सारे वॉलेट मौजूद हैं जिससे आसानी ...